तीहरे हत्या काण्ड का खुलासा, 4 अभियुक्त गिरफ्तार:-
Date : Tuesday, September 11, 2018 View PDF

दिनांक 01.09.2018 को बांसवाडा शहर के महात्मा गांधी चिकित्सालय शिशू वार्ड के पास (1) श्री शरीफ पुत्र शब्बीर, मुसलमान, उम्र 40 वर्ष, निवासी अब्दुलापीर, केवलपुरा बांसवाड़ा (2) श्री सईद पुत्र शब्बीर उम्र 35 वर्ष, निवासी अब्दुलापीर, केवलपुरा बांसवाड़ा (3) श्री शब्बीर पिता सिकन्दर खान, मुसलमान, उम्र 65 वर्ष, निवासी अब्दुलापीर, केवलपुरा बांसवाड़ा के साथ जमीन व रास्ते संबंधी पुराने विवाद को लेकर पन्नालाल सरगड़ा व उसके साथ अन्य अपराधियों ने धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला करके हत्या कर दी थी। घटना के तुरन्त बाद अपराधी फरार हो गये थे । उक्त गम्भीर घटना के कारण शहर में 02 दिन तक तनाव की स्थिति रहीं । घटना की गम्भीरता को दृष्टिगत् अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु श्री विशाल बंसल, महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज, उदयपुर के निर्देशन में श्री कालूराम रावत, पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा के निकट पर्यवेक्षण में निम्न पुलिस टीमे गठित की गई:- (1) प्रथम पुलिस टीम:- प्रभारी श्री चन्दनदान बारहठ, अति. पुलिस अधीक्षक बांसवाडा की सहायतार्थ श्री शैतानसिंह, पुलिस निरीक्षक, थानाधिकारी कोतवाली, श्री देवीलाल, पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी कलिंजरा, श्री नारायणसिंह, सउनि. थाना कोतवाली एवं श्री कल्याणसिंह कानि. 32 , श्री प्रवीणसिंह, प्रवीण कुमार, प्रेमाराम साईबर सैल एवं कुछ चुनिंदा पुलिसकर्मी। (2) दितीय पुलिस टीम:- प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा, वृताधिकारी बांसवाड़ा की सहायतार्थ श्री दिलीपदान, पुलिस निरीक्षक, श्री रविन्द्रसिंह, पुलिस निरीक्षक, श्री राजेन्द्रसिंह, थानाधिकारी खैरवाड़ा, श्री तुलसीराम, उप निरीक्षक, थाना कोतवाली, श्री मदनसिंह हैडकानि. 131 थाना कोतवाली, श्री महिपालसिंह कानि. 206 थाना कोतवाली, श्री विशालसिंह कानि. 181, थाना कोतवाली, श्री इन्द्रजीतसिंह कानि. थाना कोतवाली, श्री महेष कानि., श्री रणजीतसिंह कानि., श्री वागजी कानि. थाना सदर । पुलिस दलों ने घटना के बाद से निरन्तर बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर, चित्तोडगढ़, सिरोही, जैसलमेर, जोधपुर जिलों में निरन्तर अभियुक्तो की तलाश की। अभियुक्तों की तलाश व गिरफ्तारी हेतु श्री श्याम रत्नू, पुलिस निरीक्षक, एटीएस उदयपुर की टीम का भी सहयोग लिया गया। गोपनीय व तकनीकि जानकारिया भी एकत्रित की गई। मध्यप्रदेश के रतलाम, मन्दसौर व नीमच के पुलिस अधिकारियों से भी अभिुयक्तो के बारे मे सूचना का आदान-प्रदान किया गया। दिनांक 05.09.2018 को अभियुक्त उदयपुर में देखे गये, लेकिन उदयपुर में अभियुक्तों को पुलिस की भनक लगने पर फरार हो गये। जिस पर जिला पुलिस चित्तोडगढ़, प्रतापगढ़ तथा उदयपुर के अधिकारियों को अभियुक्तों के बारे में जानकारी दी गई । दिनांक 05.09.2018 को देर शाम गोपनीय सूचना मिली कि अभियुक्त उदयपुर से जयपुर या कोटा की तरफ फरार होने वाले थे। तब सभी तरफ नाकाबन्दी देखकर मुख्य मार्ग से हटकर सांवरिया सेठ की तरफ चले गये । जिस पर जिला पुलिस की टीम श्री रविन्द्रसिंह, पुलिस निरीक्षक, थानाधिकारी महिला थाना व श्री तुलसीराम, उप निरीक्षक थाना कोतवाली, श्री मदनसिंह हैडकानि. 131 थाना कोतवाली, श्री महिपालसिंह कानि. 206 थाना कोतवाली, श्री विषालसिंह कानि. 182, थाना कोतवाली, श्री इन्द्रजीतसिंह कानि. 191 थाना कोतवाली, श्री महेष कानि., श्री रणजीतसिंह कानि., श्री वागजी कानि. थाना सदर तथा थानाधिकारी भादसौडा, श्रीमती रेखा उप निरीक्षक की टीम से मण्ड़फिया (सांवरिया जी) के सभी रास्तों पर निगरानी रखवाई व आस-पास के सभी वाहनों की चैकिंग की। इसी दौरान अभियुक्तों को पुलिस की भनक लगने पर अभियुक्त सांवरिया जी से आवरी माता के रास्ते की तरफ भागने लगे, जिनका पीछा करके दबोचा । सभी अभियुक्तों को डिटेन करके देर रात्रि बांसवाडा लेकर आये । प्रारम्भिक पूछताछ करने के पश्चात् प्रकरण संख्या 433/01.09.2018 धारा 147, 148, 149, 307, 302 भादस. थाना कोतवाली बांसवाडा में निम्न अभियुक्तों को गिरफ्तार किया: - (1) नयन पुत्र पन्नालाल, उम्र 19 वर्ष, निवासी अब्दुलापीर, केवलपुरा, बांसवाडा। (2) अजय पुत्र डूंगरसिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी अब्दुलापीर, केवलपुरा, बांसवाडा। (3) नरेश पुत्र डूंगरसिंह उम्र 24 वर्ष, निवासी अब्दुलापीर, केवलपुरा, बांसवाडा। (4) पन्नालाल पुत्र हीरा उम्र 44 वर्ष, निवासी अब्दुलापीर, केवलपुरा, बांसवाडा। मृतक तीनों व्यक्ति मूलतः आगरा (उतरप्रदेष) के निवासी है, जो पिछले 30-35 वर्षो से अब्दूलापीर केवलपुरा, बांसवाडा में निवासरत थे। मृतक/पीडित पक्ष व अभियुक्तों के मध्य वर्ष 1998 से आवागमन के रास्ते की जमीन का विवाद चल रहा था। दोनो पक्षों के बीच पूर्व मे भी 11 प्रकरण परस्पर दर्ज हो चुके थे। दिनांक 31.08.2018 को भी दोनो पक्षों के बीच धक्का-मूक्की व मारपीट हुई थी। इसी रंजिश को लेकर अभियुक्तों ने षडयंत्र रचकर योजना बनाकर यह गम्भीर वारदात की है।